Heart Attack Ke Lakshan
हृदय का काम शरीर के अलग-अलग भागों तक धमनियों के माध्यम से खून पहुंचाने का होता है । आमतौर पर यह साधारण सी बात है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे हृदय में खून पंप करने की क्षमता भी कम होने लगती है |

आमतौर पर Heart Attack के शुरुआत में ही कोई लक्षण हो यह जरूरी नहीं है |क्योंकि जितना खून शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचता है उससे काफी कम रक्त से ही उन हिस्सों का काम चल जाता है । लेकिन अगर शरीर के किसी अंग को ज्यादा खून की जरूरत होती है तब उसके लक्षण अपने आप दिखने लगते हैं ।
उदाहरण के तौर पर
- जब ज्यादा देर तक भागते
- दौड़ते हैं या
- एक्सरसाइज करते हैं,
- शारीरिक व्यायाम
अब आपको आसानी से समझ में आ गया होगा कि शुरुआती लक्षणों में कार्य करने पर थकावट महसूस होना या सांस की गति का तेज हो जाना शुरुआती लक्षण हैं | अगर आप बिना थकावट के ही निरंतर मेहनत जैसे कि चलने भागना दौड़ना, कोई वजनदार ,सामान उठाना ,जैसे कि आप की पूर्व और क्षमता है उसी के अनुसार कार्य कर रहे हैं तो आपको Heart Attack आने की संभावना 0% के बराबर है ।
इसीलिए कई बार एलोपैथी के डॉक्टर भी ट्रेडमिल चलाकर ही जांच करते हैं| इससे शरीर में कुछ वेव्स पैदा होती हैं जिससे शरीर में होने वाले परिवर्तन को आसानी से देखा जा सकता है । यह कई बातों पर निर्भर करता है जैसे कि कितने देर तक चलने के बाद यह पैदा हुआ है या यह भी निर्भर करता है कि आपकी उम्र क्या है ??
कई लोगों को अक्सर यह गलतफहमियां होती हैं कि जब हार्ट अटैक की बीमारी होती है तो जिस और हिर्दय होता है यानी कि शरीर के बाएं साइड वहाँ पर हल्का दर्द महसूस होता है अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो यह बिल्कुल गलत है यह कोई जरूरी नहीं है कि हल्का दर्द पहले महसूस हो । बल्कि होता तो यह है कि इस टाइप के अधिकतर मामलों में दर्द मरीजों को महसूस ही नहीं हो पाता।
अगर आप हृदय के किसी विशेष स्थान पर उंगली रखकर अगर आसानी से बता दे रहे हैं कि इस जगह पर दर्द हो रहा है तो 95% उम्मीद यही रहती है कि वह हृदय का दर्द नहीं है । जैसा कि आपको ज्ञात होना चाहिए कि या तो घुटन या लंबी सांस लेने का मन करता है या ऐसा करने पर खांसी आती है या छाती के अंदर यह सब पर्दा कर देने वाला अनुभव स्वास लेते समय हल्की कठिनाई का अनुभव अथवा कभी-कभी घुटन जैसा अनुभव होता है इनके बारे में आप कभी सटीक राजस्थान के बारे में अपने चिकित्सक को नहीं बता सकते।
कुछ मामले ऐसे होते हैं जिसमें लोगों को रात के सोते समय सांस लेने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसका वजह यह होता है कि या तो दरवाजा पूरा बंद करके सो रहे हो या उनके आसपास ताजी हवा का प्रवाह अच्छे से नहीं हो रहा हो।
इसके अलावा बाएं कंधे ,पेट के ऊपरी जहां छाती खत्म होती है। वहा भी दर्द का अनुभव हल्का हल्का हो सकता है ।अगर यह थकावट और घुटन दोनों एक साथ पीठ में या एक शरीर के किसी हिस्से में हो जो हृदय से संबंधित हैं । तो Heart Attack की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है ऐसा अनुभव होने पर जल्द से जल्द किसी हार्ट अटैक स्पेशलिस्ट से संपर्क करें |