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Saturday, February 24, 2024

Love Jihad Ordinance : बरेली में लव जिहाद का पहला केस दर्ज

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Love Jihad Ordinance : बरेली में लव जिहाद का पहला केस दर्ज

Love Jihad का सबसे पहला केस दर्ज बरेली में जानिए पुलिस को कैसे मुसीबतों का सामना करना पड़ा |

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के देवरनिया क्षेत्र में एक छात्रा पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव विशेष समुदाय के द्वारा बनाया जा रहा है | उसे व उसके परिवार वालों को भी लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं | पहले तो विशेष समुदाय के युवक ने छात्रा को कई तरह का लालच दिया उसके बाद भी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ ।
थक हार कर छात्रा के परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ देवरनिया पुलिस स्टेशन में धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 3/5 की धारा में मुकदमा दर्ज करा दिया है ।
विशेष समुदाय का युवक घर से फरार चल रहा है पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लगातार प्रयास कर रही है ।

Love Jihad Ordinance:पहली F.I.R

देवरनिया गांव के ही शरीफ नगर का रहने वाला रफीक अहमद का बेटा उवैश अहमद पढ़ाई के समय से ही लड़की के पीछे पड़ा हुआ है | पीड़ित ने बताया कि वह उनकी लड़की को किसी भी तरीके से धर्म परिवर्तन करने के लिए जबरन दबाव बना रहा है |पीड़ित के परिवार के मुताबिक आरोपी के परिवार वाले कई बार दबाव डाल चुके हैं ।
लड़की के परिवार वाले यह आरोप लगा रहे है कि उवैश अहमद जान से मारने की धमकी देते हुए गाली गलौज भी आए दिन करता रहता है । लव जिहाद पर कानून बनने के बाद देवरिया थाने में उत्तर प्रदेश पुलिस ने धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 3/5 की धारा में पहला मुकदमा दर्ज किया है ।

Love Jihad का पहला केस पुलिस को करना पड़ा परेशानी का सामना

बरेली एसपी देहात डॉक्टर संसार सिंह ने मीडिया को बताया कि सीसीटीएनएस में धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा अभी तक सबमिट ही नहीं की गई है । जिसकी वजह से सीसीटीएनएस में लव जिहाद पर दर्ज हुआ मुकदमा कंप्यूटर में नहीं दिख रहा है । यही कारण है कि लव जिहाद का यह पहला मामला बरेली में ऑनलाइन ना बल्कि कलम के द्वारा कागज पर लिखा गया है ।

Love Jihad Ordinance

Love Jihad पर होगी 10 साल की सजा

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को ही लव जिहाद के इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी है अगर महज शादी के लिए लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया तो यह शादी अवैध घोषित कर दी जाएगी । और तो और जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले आरोपी को 10 साल तक कारागार भी जाना पड़ सकता है इस नए कानून के मुताबिक उत्तर प्रदेश में जबरदस्ती लालच देकर या किसी प्रकार का झूठ बोलकर या अन्य किसी भी प्रकार का धोखेबाजी से विवाह करने के लिए अगर धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आएगा ।
इस गैर जमानती अपराध में प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा चलने का आसार है अगर दोष आरोपी प्रसिद्ध हुआ तो कम से कम 1 साल और अधिक से अधिक 5 साल की सजा जेल में काटनी होगी और ₹15000 का जुर्माना भी देना होगा ।  यह मामला और पेचीदा हो जाएगा जब महिला अवयस्क हो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की हो |
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